“स्वयंसेवा वह दीपक है, जो दूसरों के जीवन को रोशन करते हुए स्वयं भी प्रज्ज्वलित रहता है।”
आइए, अपने समय और प्रतिभा को लगाकर आदिवासी समुदायों का भविष्य बेहतर बनाने में सहभागी बनें!
आदिवासी बच्चों को पढ़ाने या विद्यालय प्रबंधन में भागीदारी।
स्वास्थ्य शिविरों में मदद व पोषण कार्यक्रमों का क्रियान्वयन।
युवाओं को हुनर सिखाने हेतु वर्कशॉप या ट्रेनिंग देना।
वृक्षारोपण और वन्यजीव संरक्षण अभियानों में सक्रिय सहयोग।
स्थानीय कला व संस्कृति को प्रोत्साहन और बाजार उपलब्ध करवाने में मदद।
आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए नए स्कूल खोलना व पुराने स्कूलों को सुदृढ़ करना।
आर्थिक रूप से कमजोर व होनहार छात्रों को ऊँची शिक्षा के अवसर प्रदान करना।
स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, आवश्यक दवाइयों व चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
कुपोषण से बचाने के लिए पोषण कार्यक्रम, भोजन वितरण एवं स्वच्छ पेयजल का प्रबंध।
प्रशिक्षण कार्यशालाओं द्वारा आदिवासी युवाओं को स्वरोज़गार व रोज़गार के अवसर प्रदान करना।
पेड़ लगाने के अभियान, वन्यजीव सुरक्षा योजनाएँ व जैव विविधता का संरक्षण।
पारंपरिक रीति-रिवाज़, त्योहार व भाषा को संजोए रखना व नई पीढ़ी में प्रसारित करना।